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स्कंध / डिवीजन / सेक्शन के बारे में

सामान्य प्रशासन

  1. सभी प्रशासनिक/स्थापना मामले जिनमें सभी राजपत्रित अधिकारी, अराजपत्रित अधिकारी, सीएसएस, सीएससीएस और सीएसएसएस स्टाफ के संबंध में वैयक्तिक एवं सेवा निवृत्ति लाभ से जुड़े मामले शामिल होते हैं। इसके साथ ही वेतन-निर्धारण और एमएसीपी के मामले भी शामिल होते हैं।
  2. सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सीपीआईओ और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी तथा विभाग के प्रमुख एवं कार्यालय प्रमुख की नियुक्ति।
  3. ठेके पर नियुक्त कर्मचारियों नामत: बहुकार्य सहायक (एम टी एस), डेटा एंट्री ऑपरेटर (डीईओ) सुरक्षा गार्ड और हाउसकीपिंग स्टाफ की तैनाती।
  4. कम्प्यूटरों, प्रिंटरों, फर्नीचर, एअर-कंडीशनरों आदि सहित कार्यालयी उपकरणों की खरीद/मरम्मत/सर्विसिंग और रख-रखाव से जुडे़ मामले।
  5. बेकार के कागजों/बेकार पड़ी वस्तुओं आदि के निपटान यहां तक कि ई-निपटान की व्यवस्था करना।
  6. अनुदान मांगों में शामिल करने और वित्तीय प्रतिबंध जारी करने के लिए बजट अनुमान/संशोधित अनुमान तैयार करना।
  7. कॉफेपोसा से प्रोफेशनल सर्विसों के बिलों, वेतन बिलोां, भ्रमण/स्थनांतरण पर यात्रा भत्ता बिलों (विदेशी एवं धरेलू), मेडिकल बिलों आदि को तैयार कारना, मासिक तिमाही रिपोर्ट प्रस्तुत करना, आयकर विभाग के पास तिमाही टीडीएस विवरणी को तैयार करना।
  8. सभी श्रेणियों के सरकारी भविष्य निधि खातों का रखरखाव और उन पर उद्भूत ब्याज का परिकलन।
  9. व्यय की आवधिक समीक्षा और अथव्यवस्था संबंधी निर्देशों की निगरानी; प्रशासनिक अनुभाग से जुड़े लेखा परीक्षा आपत्ति को देखना।

कॉफेपोसा स्कंध

कॉफेपोसा स्कंध केंद्र सरकार स्तर पर कॉफेपोसा अधिनियम, 1974 को प्रकाशित करता है। यह कॉफेपोसा अधिनियम के कार्यान्वयन से जुड़े निम्नवत कार्य को देखता है:-

  1. नज़रबंदी के प्रस्तावों पर विचार हेतु स्क्रीनिंग समिति का पुनर्गठन।
  2. कॉफेपोसा अधिनियम, 1974 के अंतर्गत नजरबंदी हेतु प्रस्तावों की संवीक्षा ।
  3. कॉफेपोसा अधिनियम, 1974 के अंतर्गत नजरबंदी आदेशों और उसके औचित्य को जारी करना।
  4. नज़रबंदी आदेश के विरुद्ध संबंधित व्यक्ति द्वारा या उसकी तरफ से किए गए अभ्योवदन का नज़रबंदी प्राधिकारी या महानिदेशक, सीईआईबी द्वारा निपटान।
  5. सलाहकार बोर्ड के पास उनकी राय मांगने हेतु नज़रबंदी के संदर्भ को भेजना।
  6. सलाहकार बोर्ड की राय के अनुसार नज़रबंदी आदेश को रद्द करने वाला आदेश जारी करना।
  7. नज़रबंदी आदेश से बच रहे व्यक्तियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 7(1) (ख) एवं (क) के तहत उन्हें उद्घोषित अपराधी के रूप में घोषित करने हेतु कार्रवाई शुरू करना तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 82, 83, 84, और 85 के अंतर्ग उनकी संपत्ति को बाद में जब्त करना।
  8. कॉफेपोसा अधिनियम, 1974 के उचित कार्यान्वयन हेतु दिशा निर्देशों/अनुदेशों को जारी करना।
  9. कॉफेपोसा अधिनियम, 1974 के अंतर्गत अधीनस्थ विधायन से जुड़े मामले ।
  10. नजरबंदी की सांख्यिकी का संकलन।
  11. विभिन्न उच्च न्यायालयों में नज़रबंद व्यक्ति द्वारा या उसकी तरफ से दाखिल अपराधी रिट याचिका से निपटाना।
  12. विभिन्न उच्च न्यायालयों के निर्णय के विरूद्ध उच्चतम न्यायालय में दाखिल विशेष इज़ाजत याचिका से निपटान।
  13. काउन्सेल की नियुक्ति से जुड़े मामले देखना और उनके साथ सम्मेलन/चर्चा करना।
  14. जवाबी शपथपत्र दाखिल किए जाने से निपटना और सुनवाई की तिथि पर उपस्थित होना।
  15. सलाहकार बोर्ड की राय और नजरबंदी मामलों में न्यायालयों के निर्णयों की संवीक्षा करना ताकि कॉफेपोसा अधिनियम, 1974 के उचित कार्यान्वयन हेतु नीतियों/दिशा निर्देशों को उचित रूप से सूत्रबद्ध किया जा सके।राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की सरकारों द्वारा नजरबंद किए गए व्यक्तियों की रिपोर्टों से निपटना और इसकी अनुपालना से उन्हें अवगत कराना।

समन्वय स्कंध

सीईआईबी के समन्वय स्कंध के काम-काज में निम्नलिखित शामिल है:-

  1. माननीय वित्त मंत्री जी की अध्यक्षता में ईआईसी और राजस्व सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समूह की बैठक आयोजित करना और उससे जुड़ी अनुवर्ती कार्रवाई करना।
  2. 30 आरईआईसी के निष्पादन की निगरानी करना जो प्रादेशिक स्तर पर सूचना के आदान-प्रदान हेतु नोडल एजेंसियां हैं।
  3. आयकर अपवंचन, वित्तीय/पूंजी बाजार, बीमा/रियल एस्टेट, बेनामी संपत्ति, एसएफआईओ, कम्पनी कार्य, फैक्सआईयू से जुड़े आर्थिक आसूचना कार्य ।
  4. राजस्व विभाग और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों के लिए अलग-अलग विषयों पर विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समन्वित करना।

आर्थिक आसूचना

आर्थिक आसूचना (ईआई) प्रभाग सीईआईबी का मुख्य प्रभाग है जो ब्यूरो के उसके अध्यादेश के आलोक में काम-काज के प्रमुख मामलों को देखता है।

इसके काम-काज में शामिल है:

  1. आर्थिक अपराधों पर आसूचना निविष्टियों का संग्रहण एवं विकास तथा सुरक्षा निहितार्थ वाली आसूचना सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) में उसका प्रसार;
  2. समन्वित कार्रवाई एवं आर्थिक आसूचना के संग्रह हेतु विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय (ईसीओआईएनटी);
  3. आर्थिक अपराधों से जुडे़ सभी मामलों पर राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय के ‘थिंक टैंक’होने के नाते ब्यूरो हेतु बड़ा योगदान करना;