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निष्पादन

समन्वय प्रभाग का निष्पादन

आरईआईसी की वित्त-वार निष्पादन निम्न प्रकार से है:- प्रादेशिक आर्थिक आसूचना परिषदों (आर ई आई सी) का गठन आर्थिक आसूचना के क्षेत्र में केंद्र तथा राज्य सरकार प्राधिकरणें की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच प्रदेशिक समन्वय हेतु किया गया था। देश भर में कुल 30 आरईआईसी फैले हुए हैं। इसे मंच में आयकर विभाग और सीमा शुल्क एवं सीजीएसटी, डीआरआई, डीजीआई, एनसीबी, ईडी, सीबीआई, आईबी, आरबीआई, आरओसी के स्थानीय मुखिया, राज्य पुलिस के ईओडब्ल्यू और राज्य कर प्राधिकारी आदि से पदनामित अधिकारी शामिल होते हैं। यह मंच दो माह में एक बार मिलता है और आर्थिक पहलुओं से संबंधित सूचना का आदान-प्रदान करता है। वित्त वर्ष 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में हुई बैठकों से जुड़ी सांख्यिकी और पदनामित सदस्यों की प्रतिभागिता के प्रतिशत को नीचे दर्शाया गया है। 

आरईआईसी में सूचना का आदान-प्रदान :

एक कानून का उल्लंघन दूसरे कानूनों के उल्लंघन की ओर ले जाता है। आर्थिक अपराध वाले अनेक मामले अंतर-मंत्रालयी होते हैं और ऐसे मामलों को तुरन्त ही कानून प्रतर्वन एजेंसियों (एलईए) के बीच साझा किया जाना चाहिए ताकि आर्थिक अपराधों को व्यापक रूप से खत्म किया जा सके। आर्थिक अपराधी नए तरीके को अपना रहे हैं और संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसी को समय पर उपयुक्त कार्रवाई करने हेतु अवगत कराने की जरुरत है। आरईआईसी मंच ने मंच के अन्य सदस्यों के बीच सूचना को साझा कर उद्देश्य को पूरा किया है जिसके फलस्वरूप राजस्व वसूली में वृद्धि होती है।

Graph 2

उपर्युक्त ग्राफ में आरईआईसी मंच पर सदस्य एजेंसियों द्वारा साझा की गई सूचना और मामलों को प्रयोजित करने संबंधी सूचना दर्शायी गयी है और सभी सदस्य एजेंसियों द्वारा आगे की कार्रवाई हेतु चयन किए गए मामले दर्शाए गए हैं।

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उपर्युक्‍त ग्राफ, विभिन्‍न आरईआईसी फोरमों पर साझा करने के परिणामस्‍वरूप वित्‍तीय वर्ष 2016-17 और वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में वसूला गया अतिरिक्‍त राजस्‍व दर्शाता है। 

कोफेपोसा प्रकोष्‍ठ का निष्‍पादन

कलेंडर वर्ष 2018 में आज तक 41 नजरबंदी आदेश जारी किए गए हैं और उनमें से 31 निष्‍पादित किए गए हैं। 34 मामलों में विभिन्‍न उच्‍च न्‍यायालयों में रिट याचिकाएं दायर की गई हैं और 10 मामले सर्वोच्‍च न्‍यायालय के समक्ष एसएलपी के रूप में लंबित हैं; उन पर प्रतिवाद किया जा रहा है।

ईआई प्रकोष्‍ठ का निष्‍पादन 

आसूचना और अपराध की सूचनाओं का एलईए के बीच प्रसार :

ब्‍यूरो द्वारा विकसित तथा अन्‍य एजेंसियों से प्राप्‍त आसूचना की जानकारी को आगे कार्रवाई हेतु कानून स्‍थापित करने वाली एजेंसियों को प्रसारित किया गया। सीआईईबी की ओर से निरंतर प्रयासों के कारण और सूचना सहभाजन नवाचार के साथ, एलईए और अन्‍य आसूचना एजेंसियों द्वारा औचारिक सहभाजन तेजी से बढ़ा है। इस वित्‍त वर्ष में आसूचना के प्रसार में 71 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। 

ब्‍यूरो द्वारा साझा की गई सूचना:

उपर्युक्‍त के साथ-साथ, चालू वर्ष के दौरान, ब्‍यूरो द्वारा साझा की गई सूचना में 251 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें पहली बार, बैंक धोखाधड़ी (एफआईआर) शामिल हैं जिनकी छानबीन अन्‍य कानूनों की दृष्टि से की गई और तदनुसार संबंधित एलईए को प्रसारित किए गए। इसके अलावा चालू वर्ष के दौरान एफटी (डी एडं आर) अधिनियम के उल्‍लंघन से संबंधित मामलों को संबंधित सीमाशुल्‍क प्राधिकरणों और क्षेत्रीय आर्थिक आसूचना परिषद (आरईआईसी) फोरमों के साथ साझा किया जाना शुरू कर दिया है। चालू वित्‍त वर्ष के दौरान ब्‍यूरो द्वारा आसूचना जानकारी के विकास में भी 58 प्रतिशत वृद्धि देखी गई है।

डेटाबेस का विकास 

चालू वित्‍त वर्ष के दौरान आर्थिक अपराधों का डेटा भरने में 300 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।